BTC, Shiksha Mitra News Samayojan : शिक्षामित्रों की राह में विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी रोड़ा
इलाहाबाद : प्रदेश सरकार के शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन में नया पेंच फंसता नजर आ रहा है। सरकार के फैसले का विरोध विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी खुलकर सामने आ गए हैं। विशिष्ट बीटीसी 2008 में चयनित अभ्यर्थी शिक्षामित्रों के समायोजन को नियम विरुद्ध बता रहे हैं। वह पहले बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। इसको लेकर हजारों अभ्यर्थी जुलाई में कोर्ट की शरण लेने वाले हैं, साथ ही सड़क पर एकजुटता के साथ आवाज बुलंद करेंगे।
प्रदेश में विशिष्ट बीटीसी 2008 के 20 हजार के लगभग अभ्यर्थी हैं, जिन्हें प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं मिली। वहीं राज्य सरकार ने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तकरीबन डेढ़ लाख शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर करने का निर्णय लिया है। इसमें 50 हजार के लगभग सिर्फ इंटर पास हैं, शेष स्नातक की पढ़ाई किए हैं। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी इसी का विरोध कर रहे हैं, कि जो शिक्षक बनने के पात्र ही नहीं हैं उन्हें बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी कैसे दी जा सकती है। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी जितेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं सरकार का कदम भारत के भविष्य को अंधकारमय बना देगा। कहा कि सरकार हर तरह से प्रशिक्षित विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को अनदेखा कर रही है। वहीं शिक्षामित्रों का समायोजन नियम-कानून के विरुद्ध हो रहा है, जिसका हर स्तर पर विरोध होगा।
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ऐसे चलेगा अभियान
-विशिष्ट बीटीसी 2008 के अभ्यर्थियों को एक मंच पर लाया जाएगा।
-हर जिले में सप्ताह में एक दिन सामूहिक बैठक होगी।
-माह में एक बार मंडल स्तरीय सभा करके अभियान को गति दी जाएगी।
-दो माह में एक बार लखनऊ में हजारों अभ्यर्थी जुटकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
-एसएमएस के जरिए हर अभ्यर्थी को जोड़ते हुए आंदोलन एवं हर गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी
News Source : Jagran / http://ift.tt/1qPxOfe
इलाहाबाद : प्रदेश सरकार के शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन में नया पेंच फंसता नजर आ रहा है। सरकार के फैसले का विरोध विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी खुलकर सामने आ गए हैं। विशिष्ट बीटीसी 2008 में चयनित अभ्यर्थी शिक्षामित्रों के समायोजन को नियम विरुद्ध बता रहे हैं। वह पहले बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। इसको लेकर हजारों अभ्यर्थी जुलाई में कोर्ट की शरण लेने वाले हैं, साथ ही सड़क पर एकजुटता के साथ आवाज बुलंद करेंगे।
प्रदेश में विशिष्ट बीटीसी 2008 के 20 हजार के लगभग अभ्यर्थी हैं, जिन्हें प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं मिली। वहीं राज्य सरकार ने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तकरीबन डेढ़ लाख शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर करने का निर्णय लिया है। इसमें 50 हजार के लगभग सिर्फ इंटर पास हैं, शेष स्नातक की पढ़ाई किए हैं। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी इसी का विरोध कर रहे हैं, कि जो शिक्षक बनने के पात्र ही नहीं हैं उन्हें बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी कैसे दी जा सकती है। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी जितेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं सरकार का कदम भारत के भविष्य को अंधकारमय बना देगा। कहा कि सरकार हर तरह से प्रशिक्षित विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को अनदेखा कर रही है। वहीं शिक्षामित्रों का समायोजन नियम-कानून के विरुद्ध हो रहा है, जिसका हर स्तर पर विरोध होगा।
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ऐसे चलेगा अभियान
-विशिष्ट बीटीसी 2008 के अभ्यर्थियों को एक मंच पर लाया जाएगा।
-हर जिले में सप्ताह में एक दिन सामूहिक बैठक होगी।
-माह में एक बार मंडल स्तरीय सभा करके अभियान को गति दी जाएगी।
-दो माह में एक बार लखनऊ में हजारों अभ्यर्थी जुटकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
-एसएमएस के जरिए हर अभ्यर्थी को जोड़ते हुए आंदोलन एवं हर गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी
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03:20
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